बेखौफ

हमेशा उसके दिल में एक डर हुआ करता था। वो हॅसने से डरा करती थी। उसके दिल में से आवाज़ आती थी कि मत खुश हो,कहीं रोना ना पड़ जाए। मानव जाती थी तो कैसे रोक पाती अपने आप को मुस्कराने से। फिर वो उसको प्यार ही इतना करता था कि वो खुश होने से … Continue reading बेखौफ

जनून

जाने वाला तो चला जाता है। पर अपने पीछे वो कितने जखम छोड़ जाता है उसका अन्दाज़ा तो सिर्फ दर्द सहने वाला ही बता सकता है के कितने है वो दर्दनाक रास्ते जिसको वो एकलय तह करता है। यह दुनियां है ही इतनी मतलबी के वो अपने स्वार्थ में ही इतना अंधा हो जाता है … Continue reading जनून

A Sad Evening (English and Hindi version)

  आज का दिन बहुत खूबसूरत था। हो सकता है कि सूर्य की रौशनी बहुत दिनों से बादलों के अंदर चुप कर बैठी हुई थी और हो सकता बर्फ़बारी से डर कर कही छुपी बैठी हुई थी। उसके इलावा सभी लोग खुश थे। उसका मन सिर्फ उदास ही नहीं बल्के एक अज़ीब सी बेचैनी उसके … Continue reading A Sad Evening (English and Hindi version)

Defending the indefensible: Col DPK Pillay, Shurya Chakra

https://chanakyaforum.org/defending-the-indefensible-not-the-armys-policy/?unapproved=639&moderation-hash=621bb917a35fb8f14ba7b89a75e2abd5#comment-639 In this article, how beautifully and tactfully Colonel DPK Retd Indian officer had defended the indefensible. he called them indefensible, but I call them corrupt people or bad people. My thoughts are different than the honorable Colonel.Not many people know about Colonel Pillay. He is a former Indian army officer who was decorated with … Continue reading Defending the indefensible: Col DPK Pillay, Shurya Chakra